हम देखते हैं कि भारतीय शेयर बाजार इस समय अत्यधिक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। लगातार पाँच सत्रों की गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी 50 पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। कमजोर वैश्विक संकेत, सोने की कीमतों में तेज़ी, ईरान से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताएं और अमेरिका की व्यापार नीतियों को लेकर अनिश्चितता ये सभी कारक मिलकर निवेशकों की धारणा को कमजोर बना रहे हैं।
12 जनवरी को बाजार की शुरुआत फ्लैट से नेगेटिव रहने के संकेत दे रही है। GIFT निफ्टी के रुझान भी यही दर्शाते हैं कि शुरुआती कारोबार में बड़ी तेजी की उम्मीद फिलहाल कम है।
GIFT निफ्टी का संकेत और बाजार की दिशा
हमारे विश्लेषण के अनुसार, GIFT निफ्टी करीब 25,796–25,809 के स्तर के आसपास ट्रेड करता दिखा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज़ से मामूली प्रीमियम पर है। यह संकेत देता है कि बाजार में अनिर्णय की स्थिति बनी हुई है।
- फ्लैट ओपनिंग की संभावना
- सीमित दायरे में कारोबार
- सेक्टर-विशेष गतिविधियों पर फोकस
यह स्थिति शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए सतर्कता और पोजिशनल निवेशकों के लिए चयनात्मक रणनीति अपनाने का संकेत देती है।
पिछले सत्र का प्रदर्शन: लगातार पाँचवीं गिरावट
शुक्रवार को बाजार ने लगातार पाँचवीं बार गिरावट दर्ज की।
- सेंसेक्स: 604.72 अंकों की गिरावट के साथ 83,576.24 पर बंद
- निफ्टी 50: 193.55 अंक फिसलकर 25,683.30 पर बंद
हम मानते हैं कि यह गिरावट केवल तकनीकी कारणों से नहीं, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण भी आई है।
सेंसेक्स टेक्निकल आउटलुक: सपोर्ट और रेजिस्टेंस
तकनीकी दृष्टिकोण से, सेंसेक्स में अल्पकालिक कमजोरी बनी हुई है। इंट्राडे चार्ट्स पर बेयरिश झुकाव साफ दिख रहा है।
मुख्य रेजिस्टेंस स्तर
- 84,100
- 84,400
महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन
- 83,100 – 83,000
हमारा मानना है कि यह सपोर्ट ज़ोन पोजिशनल निवेशकों के लिए संभावित अक्यूम्यूलेशन एरिया बन सकता है, बशर्ते वैश्विक संकेत अचानक न बिगड़ें।
निफ्टी 50 की चाल: 25,600 के आसपास संघर्ष
निफ्टी 50 फिलहाल 25,600 के स्तर के आसपास संघर्ष करता दिख रहा है। यह स्तर मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद अहम है।
- इसके नीचे फिसलने पर कमजोरी और बढ़ सकती है
- इसके ऊपर टिके रहने पर सीमित रिकवरी संभव है
हम देखते हैं कि बाजार में बाय ऑन डिप्स की रणनीति फिलहाल केवल चुनिंदा स्टॉक्स तक सीमित है।
सेक्टोरल मूवमेंट: कहां दिख रही है मजबूती
हालांकि समग्र बाजार दबाव में है, लेकिन कुछ सेक्टर्स में रिलेटिव स्ट्रेंथ दिखाई दी।
टॉप गेनर्स (शुरुआती कारोबार में):
- फाइनेंशियल्स में मजबूती
- इंश्योरेंस स्टॉक्स में खरीदारी
- चुनिंदा मेटल स्टॉक्स में उछाल
कमजोर सेक्टर्स:
- हेल्थकेयर
- कैपिटल गुड्स
- बड़े इंडस्ट्रियल स्टॉक्स
यह संकेत देता है कि बाजार फिलहाल डिफेंसिव और वैल्यू-ओरिएंटेड सेक्टर्स की ओर झुकाव दिखा रहा है।
वैश्विक संकेत: भू-राजनीति और अमेरिका की भूमिका
हम मानते हैं कि मौजूदा गिरावट के पीछे भू-राजनीतिक तनाव एक बड़ा कारण है।
- ईरान संकट से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता
- अमेरिका की टैरिफ नीतियों पर अस्पष्टता
- वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की प्रवृत्ति
इन कारणों से इंडिया VIX में उछाल देखा गया है, जो आने वाले दिनों में तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देता है।
सोने की कीमतों में तेजी और शेयर बाजार पर असर
सोने की कीमतों में उछाल निवेशकों के बढ़ते डर को दर्शाता है। जब भी वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सेफ हेवन एसेट्स की ओर रुख करते हैं।
हम देखते हैं कि:
- सोने में तेजी = इक्विटी से आंशिक दूरी
- शॉर्ट टर्म में शेयर बाजार पर दबाव
- लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बेहतर एंट्री पॉइंट्स
नतीजों का सीजन और आगे की रणनीति
आने वाला तिमाही नतीजों का सीजन बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
- आईटी सेक्टर के नतीजे
- बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स की मैनेजमेंट कमेंट्री
- बड़े कॉर्पोरेट्स की गाइडेंस
हमारा आकलन है कि मजबूत नतीजे सेंटिमेंट को सहारा दे सकते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े दबाव बढ़ा सकते हैं।
निवेशकों के लिए हमारा दृष्टिकोण
हम मानते हैं कि मौजूदा माहौल में:
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप लॉस रखना चाहिए
- लॉन्ग टर्म निवेशक गुणवत्ता वाले स्टॉक्स में धीरे-धीरे निवेश कर सकते हैं
- अत्यधिक लीवरेज से बचना समझदारी होगी
बाजार में अनिश्चितता के दौर में धैर्य और अनुशासन ही सबसे बड़ी रणनीति है।
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