Dhurandhar के आगे सब फेल Ranveer Singh की फिल्म ने नई रिलीज़ ‘राहु-केतु’ को किया पूरी तरह ओवरशैडो, टीम का चौंकाने वाला बयान


हम देख रहे हैं कि हालिया समय में बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर
एक ही फिल्म का नाम हर तरफ छाया हुआ है—Dhurandhar। इस फिल्म ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि नई रिलीज़ फिल्मों पर अभूतपूर्व प्रभाव भी डाला है। दर्शकों की प्राथमिकता, टिकट खिड़की की लंबी कतारें और सोशल मीडिया की चर्चाएं—सब कुछ इस बात की पुष्टि कर रहा है कि धुरंधर इस वक्त सिनेमा प्रेमियों के दिमाग में गहराई तक उतर चुकी है।

रणवीर सिंह की स्टार पावर और कहानी का सम्मोहन

Ranveer Singh की फिल्मों को लेकर दर्शकों की अपेक्षाएं हमेशा ऊंची रहती हैं, लेकिन धुरंधर ने इन अपेक्षाओं को कई गुना पीछे छोड़ दिया। दमदार अभिनय, तीव्र पटकथा और भावनात्मक ऊंच-नीच से भरी कहानी ने दर्शकों को बार-बार सिनेमाघरों की ओर खींचा। यही कारण है कि लोग एक ही फिल्म को दो-दो, तीन-तीन बार देखने की बात कर रहे हैं।

नई रिलीज़ के सामने चुनौती: राहु-केतु की एंट्री

जब पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी-ड्रामा Rahu-Ketu की घोषणा हुई, तब उम्मीद थी कि यह फिल्म दर्शकों को हंसाने और हल्का-फुल्का मनोरंजन देने में सफल होगी। लेकिन रिलीज़ से ठीक पहले और बाद में जिस तरह धुरंधर ने बाजार पर कब्ज़ा बनाए रखा, उसने राहु-केतु जैसी फिल्मों की दृश्यता को प्रभावित किया।

राहु-केतु टीम का स्पष्ट संदेश: दर्शकों पर निर्भर है फैसला

प्रेस के साथ बातचीत में Pulkit Samrat ने साफ शब्दों में कहा कि फैसला दर्शकों के हाथ में है। उनका मानना है कि जो लोग नई कहानी और अलग स्वाद की तलाश में हैं, वे सिनेमा हॉल जाकर राहु-केतु देख सकते हैं। यह बयान न सिर्फ आत्मविश्वास दिखाता है, बल्कि दर्शकों के विवेक पर भरोसा भी जताता है।

मनु ऋषि का बेबाक बयान: ‘जिन्हें देखनी थी, उन्होंने देख ली’

फिल्म का हिस्सा रहे मनु ऋषि ने व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि धुरंधर को जिन लोगों ने देखना था, वे अधिकांश पहले ही देख चुके हैं। अब समय है कि दर्शक राहु-केतु जैसी नई फिल्म को मौका दें। यह बयान इंडस्ट्री की रिलीज़ टाइमिंग और कंटेंट विविधता पर भी रोशनी डालता है।

रेडिट और सोशल मीडिया पर दर्शकों की तीखी प्रतिक्रिया

हमने देखा कि जब यह वीडियो सोशल प्लेटफॉर्म्स पर पहुंचा, तो प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूज़र्स ने स्पष्ट कहा कि अगर वे टिकट पर पैसे खर्च कर रहे हैं, तो उनकी पहली पसंद अभी भी धुरंधर ही है। कुछ दर्शकों ने तो यहां तक कहा कि वे तीसरी या चौथी बार फिल्म देखने की योजना बना रहे हैं। यह दर्शाता है कि फिल्म का रीवॉच वैल्यू बेहद मजबूत है।

बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड्स की बरसात

धुरंधर ने रिलीज़ के कुछ ही हफ्तों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक आंकड़े दर्ज किए। फिल्म ने न केवल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म का तमगा हासिल किया, बल्कि कई बड़े ब्लॉकबस्टर्स को पीछे छोड़ दिया। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि कंटेंट, निर्देशन और परफॉर्मेंस का सही मेल क्या कमाल कर सकता है।

आदित्य धर का निर्देशन और विज़न

इस फिल्म का निर्देशन Aditya Dhar ने किया है, जिनका विज़न और ट्रीटमेंट दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखता है। उनकी कहानी कहने की शैली ने फिल्म को मास अपील दी, जो हर वर्ग के दर्शकों को जोड़ती है।

राहु-केतु की अनोखी कहानी और कास्ट

दूसरी ओर, राहु-केतु का निर्देशन Vipul Vig ने किया है। फिल्म की कहानी लोककथाओं से प्रेरित बताई जा रही है, जिसमें एक लेखक की जादुई नोटबुक से दो किरदार—राहु और केतु—जीवंत हो उठते हैं। वरुण शर्मा की कॉमिक टाइमिंग और शालिनी पांडे, चंकी पांडे जैसे कलाकारों की मौजूदगी फिल्म को अलग पहचान देती है।

दो अलग सिनेमाई अनुभव: टकराव या सह-अस्तित्व?

हम मानते हैं कि धुरंधर और राहु-केतु दोनों का जॉनर और टोन अलग है। जहां एक ओर धुरंधर गंभीर, तीव्र और भावनात्मक अनुभव देती है, वहीं राहु-केतु हल्के-फुल्के मनोरंजन और फैंटेसी का मिश्रण पेश करती है। ऐसे में यह टकराव कम और दर्शकों की पसंद का सवाल अधिक बन जाता है।

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