हम 2026 में कदम रखते ही जिस सिनेमाई परिदृश्य से रूबरू होते हैं, वह हिंसा, मर्दानगी और उग्र स्टाइल के पोस्टरों से सजा हुआ दिखता है। ऐसे समय में Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups का टीज़र केवल एक प्रमोशनल वीडियो नहीं, बल्कि मौजूदा भारतीय सिनेमा की दिशा पर एक बड़ा बयान बनकर उभरता है। Yash के जन्मदिन पर रिलीज़ हुआ यह टीज़र सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ पोर्टलों तक ट्रेंड कर रहा है और इसके साथ ही एक अहम सवाल भी खड़ा करता है—क्या इस फिल्म में हमें गीतू मोहनदास की वही संवेदनशील, मानवीय और गहरी सिनेमाई दृष्टि देखने को मिलेगी, या यह भी वांगा-फिकेशन की भीड़ में खो जाएगी?
टीज़र का प्रभाव: स्टाइल, अराजकता और हिंसा का विस्फोट
टीज़र की शुरुआत एक विंटेज कार, एक कब्रिस्तान और एक रहस्यमयी एंट्री से होती है। यश का किरदार राया धुएं, धमाकों और बंदूकों के बीच उभरता है। एक अंतरंग दृश्य को अचानक हिंसक मोड़ देना, और फिर विस्फोट—यह सब दर्शकों को झकझोरने के लिए रचा गया है। अंत में “Daddy’s home” जैसे संवाद के साथ यह स्पष्ट हो जाता है कि यह स्टाइलिश, मास अपील और अल्ट्रा-वायलेंस से भरा संसार है।
इस टीज़र पर Sandeep Reddy Vanga की सार्वजनिक सराहना—“Style. Attitude. Chaos.”—इस बात की पुष्टि करती है कि यह प्रस्तुति उसी सिनेमाई भाषा को दोहराती है, जिसमें पुरुष शक्ति का प्रदर्शन और आक्रामकता केंद्र में रहती है।
गीतू मोहनदास से उम्मीदें: संवेदनशीलता बनाम शोर
जब यह घोषणा हुई कि Geetu Mohandas इस फिल्म का निर्देशन करेंगी, तब उम्मीदें स्वाभाविक रूप से आसमान छूने लगीं। Moothon और Liar’s Dice जैसी फिल्मों में उन्होंने हाशिए के पात्रों, मानवीय पीड़ा और संवेदनशील दृष्टिकोण को जिस गहराई से चित्रित किया, वह भारतीय सिनेमा में दुर्लभ है।
यही वजह है कि Toxic से यह अपेक्षा की जा रही थी कि यह KGF के बाद यश की छवि को एक नए, अधिक जटिल और आत्ममंथन करने वाले स्तर पर ले जाएगी। लेकिन टीज़र में दिखाई देता है एक ऐसा संसार, जहां महिला दृष्टि (Female Gaze) लगभग अनुपस्थित प्रतीत होती है।
वांगा-फिकेशन: पुरुष शक्ति की एकरूप भाषा
वांगा-फिकेशन केवल एक निर्देशक की शैली नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक प्रवृत्ति बन चुकी है—जहां हिंसा को महिमामंडित, आक्रामकता को आकर्षक और संवेदनशीलता को कमजोरी समझा जाता है। इस टीज़र में भी वही पैटर्न दिखता है:
- पुरुष नायक का देवत्वकरण
- महिला पात्रों का सीमित और पीड़ित रूप
- सत्ता का प्रदर्शन केवल दमन के ज़रिये
यह सवाल उठता है कि क्या शक्ति की परिभाषा इतनी सीमित हो चुकी है कि उसे केवल हिंसा और वर्चस्व से ही व्यक्त किया जा सकता है?
टीज़र बनाम पूरी फिल्म: अधूरी तस्वीर या स्पष्ट संकेत?
यह सच है कि दो मिनट पचास सेकंड के टीज़र से किसी फिल्म का पूर्ण मूल्यांकन करना जोखिम भरा हो सकता है। टीज़र अक्सर जानबूझकर भ्रमित, उकसाने वाले और हाइप-ड्रिवन होते हैं। खासकर जब रिलीज़ किसी बड़े सितारे के जन्मदिन पर हो, तो फोकस स्वाभाविक रूप से उसी पर रहता है।
लेकिन फिर भी, टीज़र सिनेमाई इरादे का संकेत देता है। और यहां संकेत साफ है—एक ऐसा संसार जहां मास अपील सर्वोपरि है।
रिलीज़ डेट और बॉक्स ऑफिस क्लैश
Toxic की रिलीज़ ईद 2026 पर तय है, जहां इसका सीधा मुकाबला Dhurandhar Part 2 से होगा। यह टकराव केवल बॉक्स ऑफिस का नहीं, बल्कि सिनेमा की दो अलग विचारधाराओं का भी है।
स्टार कास्ट: विविधता और संभावनाएं
फिल्म की कास्ट इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। इसमें शामिल हैं:
- Kiara Advani
- Nayanthara
- Huma Qureshi
- Tara Sutaria
- Rukmini Vasanth
इतनी सशक्त महिला कलाकारों की मौजूदगी यह उम्मीद जगाती है कि फिल्म केवल नायक-केंद्रित नहीं होगी, बल्कि बहुस्तरीय किरदारों को भी स्थान देगी।
कहानी की पृष्ठभूमि: गोवा का अंधेरा चेहरा
फिल्म की कहानी बीते दौर के तटीय गोवा में सेट है। ऊपर से यह दुनिया समुद्र, संस्कृति और रंगीन जीवन से भरी दिखती है, लेकिन भीतर ही भीतर एक ड्रग कार्टेल सब कुछ नियंत्रित करता है। यह द्वंद्व—सुंदरता बनाम सड़ांध—गीतू मोहनदास के सिनेमा के लिए उपयुक्त जमीन तैयार करता है।
भाषा और वैश्विक अपील
फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेज़ी में शूट किया गया है और बाद में इसे हिंदी, मलयालम, तेलुगु और तमिल में डब किया जाएगा। यह रणनीति इसे पैन-इंडिया ही नहीं, बल्कि ग्लोबल दर्शकों तक पहुंचाने का संकेत देती है।
असली सवाल: क्या गीतू मोहनदास की आवाज़ उभरेगी?
सबसे बड़ा प्रश्न यही है—क्या Toxic में हमें वह सूक्ष्मता, करुणा और मानवीय दृष्टि देखने को मिलेगी, जो गीतू मोहनदास की पहचान है? या फिर यह फिल्म भी केवल शोर, हिंसा और मर्दानगी के प्रदर्शन तक सिमट कर रह जाएगी?
यदि गीतू मोहनदास इस प्रोजेक्ट के भीतर अपनी आवाज़ को बचा पाती हैं, तो Toxic केवल एक एक्शन फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की दिशा बदलने वाला अनुभव बन सकता है।
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