रविवार को पेश होगा Union Budget 2026! जानिए पूरी तारीखें, इतिहास, रिकॉर्ड और बड़े ऐलान जो बदल देंगे आपकी जेब

रविवार को पेश होगा Union Budget 2026! जानिए पूरी तारीखें, इतिहास, रिकॉर्ड और बड़े ऐलान जो बदल देंगे आपकी जेब

भारत की आर्थिक दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट 2026-27 इस बार एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। 1 फरवरी 2026, जो कि रविवार का दिन है, को देश की वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman संसद में Union Budget 2026 प्रस्तुत करेंगी। यह न केवल वित्तीय नीति के लिहाज से अहम है, बल्कि परंपराओं को तोड़ने वाला कदम भी माना जा रहा है। हम इस लेख में बजट सत्र की पूरी समय-सीमा, रविवार को बजट पेश होने का इतिहास, वित्त मंत्री का रिकॉर्ड और 2026 के बजट से जुड़ी मुख्य अपेक्षाओं को विस्तार से प्रस्तुत कर रहे हैं।

Budget Session 2026: संसद सत्र की पूरी समय-रेखा

Cabinet Committee on Parliamentary Affairs द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार Budget Session 2026 की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से होगी और यह सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। सत्र को दो चरणों में बांटा गया है ताकि बजट पर गहन चर्चा और विधायी कामकाज को सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।

महत्वपूर्ण तारीखें एक नज़र में

  • 28 जनवरी 2026 – बजट सत्र की शुरुआत
  • 29 जनवरी 2026 – Economic Survey 2025-26 संसद में पेश
  • 1 फरवरी 2026 (रविवार) – Union Budget 2026-27 प्रस्तुत
  • 13 फरवरी 2026 – पहले चरण का समापन
  • 9 मार्च 2026 – दूसरे चरण की शुरुआत
  • 2 अप्रैल 2026 – बजट सत्र का समापन

    यह स्पष्ट है कि सरकार ने बजट प्रक्रिया को समय से पूरा करने के लिए पहले से ही एक सख्त और सुव्यवस्थित कैलेंडर तैयार किया है।

    Economic Survey 2025-26: बजट से पहले अर्थव्यवस्था की तस्वीर

    29 जनवरी 2026 को पेश होने वाला Economic Survey 2025-26 बजट की बुनियाद माना जाता है। इसमें GDP Growthमहंगाईराजकोषीय घाटारोज़गारनिर्यातनिवेश और MSME सेक्टर की स्थिति का विस्तृत विश्लेषण होगा।
    हम मानते हैं कि इस सर्वे में सरकार की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति, सुधारों के प्रभाव और आने वाले वित्त वर्ष की प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत मिलेगा, जो सीधे तौर पर Union Budget 2026 की घोषणाओं से जुड़ा होगा।

    रविवार को बजट: एक दुर्लभ और ऐतिहासिक घटना

    रविवार को पेश होगा Union Budget 2026! जानिए पूरी तारीखें, इतिहास, रिकॉर्ड और बड़े ऐलान जो बदल देंगे आपकी जेब

    Union Budget 2026 का रविवार को पेश होना भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार होने जा रहा है। इससे पहले आमतौर पर बजट कार्यदिवसों में ही पेश किया जाता रहा है।

    इतिहास की झलक

    • 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री Yashwant Sinha ने बजट 27 फरवरी (शनिवार) को पेश किया था, जबकि उस समय परंपरा के अनुसार बजट फरवरी के अंतिम दिन यानी 28 फरवरी को प्रस्तुत होता था।
    • 2017 में बजट की तारीख को 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी कर दिया गया, ताकि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष से पहले विभागों को फंड आवंटन समय पर मिल सके।

      अब 1 फरवरी 2026 का रविवार होना यह दर्शाता है कि सरकार प्रशासनिक सुविधा और समय-प्रबंधन को प्राथमिकता दे रही है।

      Nirmala Sitharaman का रिकॉर्ड: नौवां लगातार बजट

      Union Budget 2026 वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman का नौवां लगातार बजट होगा। इसके साथ ही वह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री Morarji Desai के 10 बजट के सर्वकालिक रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी।

      अब तक का बजट रिकॉर्ड

      7 पूर्ण केंद्रीय बजट:

      • जुलाई 2019
      • फरवरी 2020
      • फरवरी 2021
      • फरवरी 2022
      • फरवरी 2023
      • जुलाई 2024
      • फरवरी 2025 
      1 अंतरिम बजट: फरवरी 2024

        वह पहले ही लगातार सबसे अधिक बजट पेश करने वाली वित्त मंत्री बन चुकी हैं, जो उनकी नीति-निरंतरता और राजनीतिक स्थिरता को दर्शाता है।

        Union Budget 2026 से प्रमुख अपेक्षाएं

        1. New Income Tax Act, 2025: रोडमैप और स्पष्टता

        सबसे बड़ा फोकस New Income Tax Act, 2025 पर रहने की उम्मीद है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होना है।
        हम उम्मीद करते हैं कि बजट में:

        • ट्रांजिशनल प्रावधानों की स्पष्ट व्याख्या
        • पुराने और नए टैक्स सिस्टम के बीच स्मूद शिफ्ट
        • टैक्स स्ट्रक्चर को और सरल व पारदर्शी बनाने के संकेत

          करदाताओं के लिए यह बजट भविष्य की टैक्स प्लानिंग तय करने वाला साबित हो सकता है।

          2. Consumption Boost और MSME सेक्टर को समर्थन

          Union Budget 2025 में आयकर स्लैब में बड़े बदलाव कर डिस्पोज़ेबल इनकम बढ़ाने पर जोर दिया गया था। अब Union Budget 2026 में:

          • MSME सेक्टर के लिए सस्ती और आसान क्रेडिट एक्सेस
          • मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव
          • बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए सप्लाई-साइड सपोर्ट

            की घोषणा होने की प्रबल संभावना है।

            3. Fiscal Consolidation और Growth Balance

            सरकार से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह:

            • राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखते हुए
            • इंफ्रास्ट्रक्चरडिजिटल इंडियाग्रीन एनर्जी और रोज़गार सृजन पर निवेश जारी रखे

              ताकि विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बना रहे।

              Manufacturing, Investment और Jobs पर नजर

              Make in IndiaPLI Schemes और FDI आकर्षण जैसे कार्यक्रमों को बजट 2026 में और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
              हम मानते हैं कि सरकार:

              • मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की स्थिति मजबूत करेगी
              • निजी निवेश को बढ़ाने के लिए नीतिगत स्थिरता देगी
              • युवाओं के लिए नौकरी सृजन को प्राथमिकता देगी

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